हनुमत ध्वज स्थापन संपन्न, 19-27 अप्रैल तक पहली बार "श्री भगवान परशुराम ज्ञान महायज्ञ" का आयोजन

श्री हनुमान जी के ध्वज का ध्वजारोहण के साथ "श्री भगवान परशुराम ज्ञान महायज्ञ" की शुरुआत

Manish Kumar Singh
Manish Kumar Singh
February 08, 2026

06 मार्च 2020 को प्राण-प्रतिष्ठा के साथ आम लोगों के लिए श्री भगवान परशुराम मंदिर, कुतुबपुर डुमरी, हाजीपुर, वैशाली में खोल दिया गया था। उसके महज़ सप्ताह बाद ही कोविड के नाम पर देश को बंदी का मार झेलना पड़ा था और श्री भगवान परशुराम मंदिर से लोगों का जुड़ाव मानसिक रूप से रह गया था। लेकिन 2021 के प्रथम वर्ष पर आयोजित अक्षय तृतीया पुजा पर लोगों में एक मजबूती दिखी और समाज में कोविड के बावजूद उत्साह था।

निरंतर प्रयास और ऊर्जा का परिणाम यह रहा कि मंदिर परिवार और मजबूती की ओर बढ़ा और समाजिक एकता के साथ मिलकर एक वैचारिक मजबूती मिले इसके लिए हर वर्ष अक्षय तृतीया पर भव्य आयोजन का दौर जारी हो गया। जिसका परिणाम है कि दो साल पहले लिया गया निर्णय और विचार 2026 में सफ़लता की ओर बढ़ गया है।

आप सभी को यह जानना चाहिए कि श्री भगवान परशुराम मंदिर, कुतुबपुर डुमरी, हाजीपुर, वैशाली में 19-28 अप्रैल 2026 को शुरू होने वाले "श्री भगवान परशुराम ज्ञान महायज्ञ" के लिए 06 फरवरी की सुबह 8 बजे श्री भगवान हनुमत ध्वज का ध्वजारोहण विधि-विधान और पूजा-पाठ के साथ किया गया।

श्री भगवान हनुमान जी का आह्वान कर पताका बजरंगबली से युक्त का ध्वजारोहण किया गया और बजरंगबली से विनती कि गईं कि यज्ञ अब आपके हवाले और आपके नेतृत्व में "श्री भगवान परशुराम ज्ञान महायज्ञ" संपन्न किया जाएगा।

"श्री भगवान परशुराम ज्ञान महायज्ञ" की अध्यक्षता न्यास के अध्यक्ष मनीष कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ। वहीं मुख्य यज्ञ के विद्वान पंडित चंद्र प्रकाश त्रिपाठी सहित अन्य 4 पंडितों द्वारा सभी विधि - विधान पूर्वक ध्वजारोहण कराया गया। साथ ही सुबह की विधिवत पूजा व आरती महंत पंडित हरिकांत शर्मा द्वारा श्री भगवान परशुराम जी का संपन्न किया गया।

वहीं ध्वजारोहण की जिम्मेवारी पशुपतिनाथ चौधरी व उनकी पत्नी सीमा देवी ने विधिवत पूजा अर्चना के साथ विद्वान पंडितों के सान्निध्य में पूरा किया।

अध्यक्ष मनीष कुमार सिंह ने बताया कि "श्री भगवान परशुराम ज्ञान महायज्ञ" भारतीय संस्कृति को और अधिक प्रभावी ढंग से समझने का माध्यम बनकर होगा। श्री भगवान परशुराम जी का तीरभुक्ति (तिरहुत) से गहरा नाता रहा है, वहीं पंचपुरमधाम क्षेत्रों में आगमन से करोड़ों वर्षों बाद श्री भगवान परशुराम मंदिर के रूप में भगवान का आगमन उनके आशीर्वाद का परिणाम है। यज्ञ में ऐतिहासिक व्यक्तियों और विद्वानों का आगमन और विचारों को सुनने और आत्मसात् करने का अवसर मिलेगा।

श्री हनुमत ध्वज के ध्वजारोहण कार्यक्रम का हिस्सा बने महत्वपूर्ण लोगों में प्रो. प्रेम सागर सिन्हा, अधिवक्ता पंकज कुमार और अमित कुमार, उपेंद्र चौधरी, दिग्विजय चौधरी, राम नरेश चौधरी, अरविंद कुमार, नागेन्द्र शर्मा, राकेश कुमार सिंह, संजीव कुमार, राजीव कुमार, सुशील कुमार, अजय तिवारी उर्फ मुखिया जी, रूपेश कुमार, रंजीत कुमार, राहुल कुमार, अलख कुमार, विवेक चौधरी, राकेश कुमार, अरव कुमार 5 साल का छोटा सा बच्चा खुब उत्साह से सहयोग में लगा रहा।

29 views 0 likes 0 dislikes

Comments 0

No comments yet. Be the first to comment!